Type: DESCRIPTIVE • Marks: 2
वैश्वीकरण को संभव बनाने वाले कारकों की व्याख्या कीजिए।
Answer
वैश्वीकरण को संभव बनाने वाले मुख्य कारकों में तीव्र प्रौद्योगिकी विकास (विशेषकर आईटी और इंटरनेट), परिवहन में सुधार, बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) की भूमिका और सरकारों की उदारीकरण नीतियां शामिल हैं। इन कारकों ने दुनिया भर में वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी और सूचना के प्रवाह को तेज और सस्ता बना दिया है। वैश्वीकरण के प्रमुख प्रेरक कारक:प्रौद्योगिकी में तीव्र उन्नति (Technological Advancement): सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (IT) जैसे इंटरनेट, ई-मेल, वॉइस-मेल और टेलीकांफ्रेंसिंग ने दुनिया के कोने-कोने में सूचनाओं का आदान-प्रदान तुरंत और आसान बना दिया है, जिससे सेवाओं का उत्पादन और वितरण सरल हो गया है।परिवहन के साधनों में सुधार: विगत 50 वर्षों में परिवहन (जहाज, हवाई जहाज, कंटेनर) में सुधार ने लंबी दूरी तक वस्तुओं की आपूर्ति कम समय और कम लागत में करना संभव बना दिया है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को गति मिली है।उदारीकरण (Liberalization): सरकारों द्वारा विदेशी व्यापार और निवेश पर लगे प्रतिबंधों को हटाना या कम करना (जैसे आयात शुल्क कम करना) ने विदेशी कंपनियों के लिए देश में उत्पादन और व्यापार करना सुलभ बना दिया है।बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) की भूमिका: ये कंपनियाँ विश्व स्तर पर उत्पादन की योजना बनाती हैं, जहाँ कच्चा माल, सस्ता श्रम और बाज़ार उपलब्ध हो। ये उत्पादन को छोटे भागों में विभाजित कर विभिन्न देशों में फैलाती हैं, जो वैश्वीकरण का अहम हिस्सा है।वित्तीय उदारीकरण: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूंजी की तीव्र गति और वित्तीय बाजारों का एकीकरण भी वैश्वीकरण का एक महत्वपूर्ण कारक रहा है।
Explanation
वैश्वीकरण को संभव बनाने वाले मुख्य कारकों में तीव्र प्रौद्योगिकी विकास (विशेषकर आईटी और इंटरनेट), परिवहन में सुधार, बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) की भूमिका और सरकारों की उदारीकरण नीतियां शामिल हैं। इन कारकों ने दुनिया भर में वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी और सूचना के प्रवाह को तेज और सस्ता बना दिया है। वैश्वीकरण के प्रमुख प्रेरक कारक:प्रौद्योगिकी में तीव्र उन्नति (Technological Advancement): सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (IT) जैसे इंटरनेट, ई-मेल, वॉइस-मेल और टेलीकांफ्रेंसिंग ने दुनिया के कोने-कोने में सूचनाओं का आदान-प्रदान तुरंत और आसान बना दिया है, जिससे सेवाओं का उत्पादन और वितरण सरल हो गया है।परिवहन के साधनों में सुधार: विगत 50 वर्षों में परिवहन (जहाज, हवाई जहाज, कंटेनर) में सुधार ने लंबी दूरी तक वस्तुओं की आपूर्ति कम समय और कम लागत में करना संभव बना दिया है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को गति मिली है।उदारीकरण (Liberalization): सरकारों द्वारा विदेशी व्यापार और निवेश पर लगे प्रतिबंधों को हटाना या कम करना (जैसे आयात शुल्क कम करना) ने विदेशी कंपनियों के लिए देश में उत्पादन और व्यापार करना सुलभ बना दिया है।बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) की भूमिका: ये कंपनियाँ विश्व स्तर पर उत्पादन की योजना बनाती हैं, जहाँ कच्चा माल, सस्ता श्रम और बाज़ार उपलब्ध हो। ये उत्पादन को छोटे भागों में विभाजित कर विभिन्न देशों में फैलाती हैं, जो वैश्वीकरण का अहम हिस्सा है।वित्तीय उदारीकरण: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूंजी की तीव्र गति और वित्तीय बाजारों का एकीकरण भी वैश्वीकरण का एक महत्वपूर्ण कारक रहा है।
Class 10th
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