The Making of a Global World - भूमंडलीकृत विश्व का बनना
अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विनिमय के तीन प्रकार की गतिविधियों या प्रवाह की व्याख्या कीजिए।
Type: DESCRIPTIVE • Marks: 2
अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विनिमय के तीन प्रकार की गतिविधियों या प्रवाह की व्याख्या कीजिए।
Answer
अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विनिमय में मुख्य रूप से तीन प्रकार के प्रवाह होते हैं, जो देशों के बीच आर्थिक गतिविधियों को जोड़ते हैं: वस्तु व्यापार का प्रवाह (Trade Flow): वस्तुओं (जैसे- कपास, तैयार कपड़े, मशीनें) का आयात-निर्यात।श्रम का प्रवाह (Labour Flow): रोजगार की तलाश में लोगों का दूसरे देशों में जाकर बसना।पूंजी का प्रवाह (Capital Flow): अल्प या दीर्घ अवधि के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में पैसा निवेश करना। इनका विस्तृत विवरण इस प्रकार है:व्यापार प्रवाह: 19वीं सदी में यह मुख्य रूप से वस्तुओं के आदान-प्रदान तक सीमित था। उदाहरण के लिए, भारत से कच्चा कपास इंग्लैंड भेजा जाना और वहां का तैयार कपड़ा भारत आना।श्रम प्रवाह: इसका अर्थ है काम की तलाश में कामगारों का पलायन। उदाहरण के लिए, औपनिवेशिक काल में भारत से अनुबंधित मजदूरों (गिरमिटिया मजदूर) को चाय के बागानों या खदानों में काम करने के लिए मॉरीशस या कैरेबियाई देशों में ले जाना।श्रम प्रवाह: इसका अर्थ है काम की तलाश में कामगारों का पलायन। उदाहरण के लिए, औपनिवेशिक काल में भारत से अनुबंधित मजदूरों (गिरमिटिया मजदूर) को चाय के बागानों या खदानों में काम करने के लिए मॉरीशस या कैरेबियाई देशों में ले जाना।श्रम प्रवाह: इसका अर्थ है काम की तलाश में कामगारों का पलायन। उदाहरण के लिए, औपनिवेशिक काल में भारत से अनुबंधित मजदूरों (गिरमिटिया मजदूर) को चाय के बागानों या खदानों में काम करने के लिए मॉरीशस या कैरेबियाई देशों में ले जाना।
Explanation
अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विनिमय में मुख्य रूप से तीन प्रकार के प्रवाह होते हैं, जो देशों के बीच आर्थिक गतिविधियों को जोड़ते हैं: वस्तु व्यापार का प्रवाह (Trade Flow): वस्तुओं (जैसे- कपास, तैयार कपड़े, मशीनें) का आयात-निर्यात।श्रम का प्रवाह (Labour Flow): रोजगार की तलाश में लोगों का दूसरे देशों में जाकर बसना।पूंजी का प्रवाह (Capital Flow): अल्प या दीर्घ अवधि के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में पैसा निवेश करना। इनका विस्तृत विवरण इस प्रकार है:व्यापार प्रवाह: 19वीं सदी में यह मुख्य रूप से वस्तुओं के आदान-प्रदान तक सीमित था। उदाहरण के लिए, भारत से कच्चा कपास इंग्लैंड भेजा जाना और वहां का तैयार कपड़ा भारत आना।श्रम प्रवाह: इसका अर्थ है काम की तलाश में कामगारों का पलायन। उदाहरण के लिए, औपनिवेशिक काल में भारत से अनुबंधित मजदूरों (गिरमिटिया मजदूर) को चाय के बागानों या खदानों में काम करने के लिए मॉरीशस या कैरेबियाई देशों में ले जाना।श्रम प्रवाह: इसका अर्थ है काम की तलाश में कामगारों का पलायन। उदाहरण के लिए, औपनिवेशिक काल में भारत से अनुबंधित मजदूरों (गिरमिटिया मजदूर) को चाय के बागानों या खदानों में काम करने के लिए मॉरीशस या कैरेबियाई देशों में ले जाना।श्रम प्रवाह: इसका अर्थ है काम की तलाश में कामगारों का पलायन। उदाहरण के लिए, औपनिवेशिक काल में भारत से अनुबंधित मजदूरों (गिरमिटिया मजदूर) को चाय के बागानों या खदानों में काम करने के लिए मॉरीशस या कैरेबियाई देशों में ले जाना।
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